Home » सामाजिक मुद्दे » कनाडाई PM आज 4 दिन के दौरे पर भारत पहुंचेंगे:निवेश-ट्रेड डील पर फोकस; कनाडाई अफसर बोले- कनाडा में अपराधों से भारत का लेना-देना नहीं

कनाडाई PM आज 4 दिन के दौरे पर भारत पहुंचेंगे:निवेश-ट्रेड डील पर फोकस; कनाडाई अफसर बोले- कनाडा में अपराधों से भारत का लेना-देना नहीं

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी आज 4 दिन के दौरे पर भारत पर पहुंच रहे हैं। इस दौरे का मकसद भारत और कनाडा के बीच व्यापार, ऊर्जा, तकनीक और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नए साझेदारी को मजबूत करने पर फोकस करना है।

प्रधानमंत्री के तौर पर मार्क कार्नी का यह पहला भारत दौरा है। कनाडा में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कार्नी मुंबई में बिजनेस लीडर्स से मुलाकात करेंगे। इस दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग में निवेश पर चर्चा होगी।

कार्नी की भारत यात्रा से पहले कनाडा के अधिकारी अब भारत पर लगाए गए कुछ गंभीर आरोपों से पीछे हटते नजर आ रहे हैं। पहले कनाडा ने आरोप लगाया था कि भारत उसकी जमीन पर हस्तक्षेप कर रहा है और सीमापार दबाव जैसी गतिविधियों में शामिल है।

सीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ कनाडाई अधिकारी ने कहा कि अगर कनाडा को लगता कि भारत उसकी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में दखल दे रहा है, तो प्रधानमंत्री भारत की यात्रा नहीं करते।

2 मार्च को नई दिल्ली में मोदी से मिलेंगे कार्नी

कार्नी 1 मार्च को नई दिल्ली पहुंचेंगे और 2 मार्च को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इसका मुख्य एजेंडा में कंप्रीहेंसिव इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) की वार्ताओं को शुरू करना शामिल है, जो लंबे समय से रुकी हुई है।

इसके अलावा, सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर चर्चा होगी। साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद कार्नी ऑस्ट्रेलिया और जापान की यात्रा पर रवाना होंगे।

पूरा दौरा 27 फरवरी से शुरू होकर 7 मार्च तक चलेगा। इसका यात्रा का मकसद कनाडा का अमेरिका पर आर्थिक निर्भरता कम करना और नए व्यापारिक रास्ते खोलना है।

भारत में निवेश को बढ़ावा दे रहा कनाडा

भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। कनाडा के सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार 21 अरब डॉलर से ज्यादा है।

भारत में 600 से ज्यादा कनाडाई कंपनियां काम कर रही हैं। भारत से कनाडा को मुख्य निर्यात में दवाइयां, रत्न-आभूषण और समुद्री उत्पाद शामिल हैं।

कनाडा के बड़े पेंशन फंड पहले से ही भारत में रियल एस्टेट और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर चुके हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने भारत में 100 बिलियन डॉलर (करीब 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है। अब कनाडा इस निवेश को और बढ़ाना चाहता है।

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी का कहना है कि दोनों देशों के बीच कभी-कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कनाडा भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

UCF India News हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

जंग के माहौल में भारत ने 50 हजार लोगों को इजरायल भेजने पर सहमति क्यों जताई? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा का जो ज्वाइंट स्टेमेंट जारी हुआ है, उसके मुताबिक भारत अगले पांच सालों में 50,000 कामगार इजरायल भेजेगा

  “मैं यहां रोज़ी-रोटी कमाने आया था, लेकिन खतरनाक बमों और मिसाइलों के हमलों के बीच जान बचाना मुश्किल हो

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए दो दिग्गजों की लड़ाई में क्या तीसरा बाजी मारेगा? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सबसे बड़े दावेदार हैं लेकिन इनके बीच एक तीसरा चेहरा भी है

  छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल इसी साल जुलाई में खत्म होने जा रहा है. उन्हें

आपकी जेब पर कैसे चोट लगा सकती है ईरान की जंग? अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले ने वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा दी है. भारत के लिए यह न केवल महंगाई का खतरा है, बल्कि खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस और व्यापार के लिए भी बड़ी चुनौती है

  अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से भारत की बेचैनी बढ़ गई है. भारत का नफा-नुकसान इस

लंबी रेस का पक्का फॉर्मूला सुधार की महत्वाकांक्षा और राजकोषीय विकल्पों से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, नौकरियों और निवेशकों के विश्वास तक बोर्ड ऑफ इंडिया टुडे इकोनॉमिस्ट्स (बाइट) ने 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट के वादों का व्यापक विश्लेषण किया है.

  प्र. आपकी राय में बजट में फोकस वाले तीन सबसे बड़े क्षेत्र कौन से हैं? ● नीलकंठ मिश्र: पहला और सबसे

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x