किशमिश फाइबर, एंटी-ऑक्सीडेंट्स और आयरन से भरपूर एक ड्राई फ्रूट है, जिसे अगर आप अपनी रोज की डाइट का हिस्सा बना लें, तो कई परेशानियां आपसे कोसों दूर रहेंगी।
हाल ही में, इस बारे में गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स्य ने भी इस के बारे में बताया। उनके अनुसार, आप रोजाना किशमिश खाते हैं, तो यह आपके पेट से लेकर दिल तक की सेहत को बदल सकता है। आइए जानें इस बारे में।
डॉ. वत्स्य के अनुसार, किशमिश में मौजूद फाइबर पेट साफ करने की प्रक्रिया को बेहद आसान बना देते हैं। अक्सर लोग कब्ज और मल त्याग के दौरान होने वाले तनाव से परेशान रहते हैं। किशमिश खाना इस तनाव को कम करता है और पेट के अच्छे बैक्टीरिया को पोषण देता है।

क्या किशमिश दिल की सेहत के लिए भी अच्छी है?
जी हां, किशमिश न केवल पेट बल्कि दिल का भी ख्याल रखती है। डॉ. वत्स्य के अनुसार, पोटेशियम होने के कारण यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है। किशमिश के एंटी-ऑक्सीडेंट्स आर्टरीज को सुरक्षित रखते हैं और दिल के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। साथ ही, किशमिश शरीर में इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करती है, जो दिल की धड़कन को नियमित रखने के लिए जरूरी है।
क्या है खाने का सही तरीका और मात्रा?
- दिन के किसी भी समय- आप रोजाना 5-6 सूखी किशमिश चबाकर खा सकते हैं।
- सुबह खाली पेट- रात भर पानी में भिगोई हुई 8-10 किशमिश सुबह खाली पेट खाएं। भिगोने से पोषक तत्वों का अब्जॉर्प्शन बेहतर होता है। साथ ही, किशमिश भिगोने के बाद उसका पानी फेंकें नहीं, बल्कि उसे भी पी लें। वह पानी भी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है।
सोरबिटोल का कमाल
किशमिश में सोरबिटोल पाया जाता है। यह आंतों को संकेत भेजता है, जिससे मल में नमी बनी रहती है। जब मल में नमी होती है, तो वह नरम हो जाता है और आसानी से शरीर से बाहर निकल जाता है।

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