लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में 14 फरवरी को आयोजित एक “कंटीन्यूइंग मेडिकल एजुकेशन” यानी सीएमई के दौरान बाल नेत्र रोग विशेषज्ञों ने एक चिंताजनक ट्रेंड की ओर ध्यान दिलाया. डॉक्टरों का कहना है कि कोविड-19 महामारी के बाद बच्चों में भेंगापन यानी स्ट्रैबिस्मस के मामलों में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है और इसके पीछे मोबाइल फोन व दूसरी डिजिटल स्क्रीन का बढ़ता इस्तेमाल एक बड़ी वजह बनकर उभरा है.
KGMU के ऑप्थल्मोलॉजी विभाग के प्रोफेसर सिद्धार्थ अग्रवाल के मुताबिक, अब ओपीडी में लगभग हर दिन कम से कम दो ऐसे बच्चे आ रहे हैं जिनमें आंखों के असंतुलन के लक्षण दिख रहे हैं. उनका कहना है कि महामारी के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई, घर के भीतर सीमित गतिविधियां और मोबाइल पर गेम व वीडियो देखने की आदत ने बच्चों के विजुअल सिस्टम पर असामान्य दबाव डाला.
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