हम सबने डॉक्टर को सफेद और वकील को काले रंग का कोट पहनते हुए हमेशा से ही देखा है। लेकिन क्या कभी आपके जहन में यह सवाल आया कि आखिर डॉक्टर सफेद और वकील काले रंग का कोट ही क्यों पहनते हैं। बता दें, इसके पीछे फैशन नहीं है, बल्कि एक रोचक इतिहास, मनोवैज्ञानि कारण और एक गहरी सोच छिपी है। इसलिए हमारे देश में डॉक्टर और वकीलों के लिए इन रंगो का चयन बहुत ही सोच समझकर किया गया है।
डॉक्टर क्यों पहनते हैं सफेद
सफेद रंग शुद्धता, स्वच्छता और विश्वास का प्रतीक माना जाता है। इस रंग को पहनने से मरीजों में यह विश्वास विकसित करने में मदद मिलती है कि डॉक्टर द्वारा उनकी बीमारी का ठीक से इलाज किया जाएगा। इसका दूसरा सबसे बड़ा कारण यह भी है कि इस रंग में डॉक्टर को देखकर मरीज की मनोस्थिति पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे मरीज को मानसिक रूप से शांति मिलती है और वह हॉस्पिटल के वातावरण में सुरक्षित महसूस करते हैं।
वकील काला कोट
वकील के लिए काला कोट केवल एक ड्रेस कोड नहीं, बल्कि यह उनके पेशे की गंभीरता और शक्ति को दर्शाता है। काला रंग न्याय, निष्पक्षता और अनुशासन को भी दिखाता है। साथ ही काले रंग की एक खास बात यह भी है कि यह वकील के प्रोफेशन को ताकतवर और अनुशासित व्यक्तित्व के रूप में प्रदर्शित करता है, जिससे लोगों को कानून व्यवस्था पर विश्वास करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, वकीलों के लिए काला रंग इसलिए भी चुना गया है, क्योंकि यह रंग जल्दी गंदा नहीं होता है जिससे वकील हमेशा प्रोफेशनल नजर आते हैं।

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