तकनीकी प्रगति, जनसांख्यिकी में बदलाव, डिजिटल दुनिया में सूचनाओं की सहज उपलब्धता और बेहतर देखभाल की जरूरत के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र तेजी से बदल रहा है. वैसे तो, मरीजों की देखभाल का मुख्य आधार डॉक्टर होते हैं लेकिन अब यह माना जाने लगा है कि भविष्य में बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रणाली बनाने के लिए सिर्फ डॉक्टरों पर ही निर्भर नहीं रहा जा सकता.
नई वैज्ञानिक, सामाजिक और आर्थिक शक्तियां स्वास्थ्य और स्वास्थ्य प्रणालियों के भविष्य को आकार दे रही हैं. इसके साथ चिकित्सा शिक्षा और शोध में भी बदलाव आएंगे, जिससे कुछ क्षेत्रों का उभार, पतन और नए सिरे से रेखांकन होगा.
मैं यहां पर चिकित्सा क्षेत्र को बदलकर रख देने की क्षमता वाले हालिया तकनीकी रुझानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए यह अनुमान लगाने की कोशिश रहा हूं कि चिकित्सा शिक्षा और शोध के लिए इसका क्या मायने हो सकते हैं.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और डिजिटल स्वास्थ्य का नया युग: चिकित्सा पद्धति आज भी तकरीबन वैसी ही है, जैसी बीसवीं सदी के अंत में थी. लेकिन अगले 25 साल में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है. यह बदलाव डिजिटल स्वास्थ्य के रूप में सामने होगा, जिसमें डिजिटल कनेक्टिविटी, पहनने वाली डिवाइस, डिजिटल ट्विन (किसी भौतिक वस्तु की हू-ब-हू वर्चुअल मौजूदगी) और एआइ साथ मिलकर काम करेंगे.








