Home » राष्ट्रीय » तिरुपति मंदिर के लड्डू में मिलावट के मामले में मंदिर के बोर्ड तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम(TTD) ने कहा का उसने किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी है।

तिरुपति मंदिर के लड्डू में मिलावट के मामले में मंदिर के बोर्ड तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम(TTD) ने कहा का उसने किसी को भी क्लीनचिट नहीं दी है।

तिरुपति मंदिर के लड्डू
Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

दरअसल, सीबीआई ने फाइनल चार्जशीट में कहा है कि लड्‌डुओं में पशु चर्बी नहीं, मिलावटी घी का इस्तेमाल हुआ था।

नेल्लोर कोर्ट में पेश चार्जशीट में कहा गया कि प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी में वनस्पति तेल, बीटा केरोटिन व एस्टर केमिकल की मिलावट पाई गई। उत्तराखंड के भगवानपुर की भोले बाबा डेयरी ने मिलावटी घी की सप्लाई की थी।

पहले पूरे मामले को समझिए

2022 में लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट की कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद SIT ने जांच की थी। इसके बाद TTD ने उत्तराखंड की भोलेबाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।

इसके बावजूद डेयरी मालिकों ने दूसरी डेयरी फर्मों के नाम पर टेंडर हासिल किए और घी की सप्लाई जारी रखी। इनमें वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) शामिल हैं। ये सब सुब्बा रेड्डी के चेयरमैन रहते हुए हुआ।

TDP ने YSRCP पर आरोप लगाया था

आंध्र के CM चंद्रबाबू नायडू की पार्टी TDP ने 18 सितंबर 2025 को आरोप लगाया था कि राज्य में YSR कांग्रेस सरकार में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू (प्रसादम्) में जानवरों की चर्बी वाला घी और फिश ऑयल मिलाया गया था। इसके अगले दिन TDP ने एक लैब रिपोर्ट दिखाकर अपने आरोपों की पुष्टि का दावा किया।

तिरुपति मंदिर के लड्डू
तिरुपति मंदिर के लड्डू

For more latest news read ucfindianews

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

UCF India News हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

जंग के माहौल में भारत ने 50 हजार लोगों को इजरायल भेजने पर सहमति क्यों जताई? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा का जो ज्वाइंट स्टेमेंट जारी हुआ है, उसके मुताबिक भारत अगले पांच सालों में 50,000 कामगार इजरायल भेजेगा

  “मैं यहां रोज़ी-रोटी कमाने आया था, लेकिन खतरनाक बमों और मिसाइलों के हमलों के बीच जान बचाना मुश्किल हो

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए दो दिग्गजों की लड़ाई में क्या तीसरा बाजी मारेगा? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सबसे बड़े दावेदार हैं लेकिन इनके बीच एक तीसरा चेहरा भी है

  छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल इसी साल जुलाई में खत्म होने जा रहा है. उन्हें

आपकी जेब पर कैसे चोट लगा सकती है ईरान की जंग? अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले ने वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा दी है. भारत के लिए यह न केवल महंगाई का खतरा है, बल्कि खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस और व्यापार के लिए भी बड़ी चुनौती है

  अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से भारत की बेचैनी बढ़ गई है. भारत का नफा-नुकसान इस

लंबी रेस का पक्का फॉर्मूला सुधार की महत्वाकांक्षा और राजकोषीय विकल्पों से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, नौकरियों और निवेशकों के विश्वास तक बोर्ड ऑफ इंडिया टुडे इकोनॉमिस्ट्स (बाइट) ने 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट के वादों का व्यापक विश्लेषण किया है.

  प्र. आपकी राय में बजट में फोकस वाले तीन सबसे बड़े क्षेत्र कौन से हैं? ● नीलकंठ मिश्र: पहला और सबसे

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x