अरुणाचल की कबाक यानो ने माउंट एकांकागुआ पर चढ़ाई कर रिकॉर्ड बनाया
1 फरवरी को भारतीय पर्वतारोही कबाक यानो ने अर्जेंटीना में साउथ अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट एकांकागुआ पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। ये चोटी 7-समिट माउंटेन का हिस्सा है।
- 28 जुलाई को खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्री केंटो जिनी ने ईटानगर के लोकभवन से 7-शिखर पर्वतारोहण अभियान को औपचारिक रूप से शुरू किया था।
- 7 समिट चैलेंज में हर महाद्वीप के सबसे ऊंचे पर्वत पर चढ़ना होता है। इसमें एवरेस्ट (एशिया), एकांकागुआ (दक्षिण अमेरिका), डेनाली (उत्तरी अमेरिका), किलिमंजारो (अफ्रीका), एल्ब्रस (यूरोप), विंसन मासिफ (अंटार्कटिका), और माउंट कोसियुस्को (ओशिनिया) शामिल हैं।
- माउंट एकांकागुआ समुद्र तल से 22,831 फीट की ऊंचाई पर है और यह वेस्टर्स हेमिस्फीयर (गोलार्ध) की सबसे ऊंची चोटी है।
- कबाक यानो 21 मई, 2024 को माउंट एवरेस्ट (8,848 मीटर) पर चढ़ने वाली न्यीशी जनजाति की पहली और अरुणाचल प्रदेश की पांचवीं महिला हैं।
- कबाक ने 4 अगस्त 2025 को अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई की थी।
- 16 अगस्त 2025 को योनो ने 7-समिट चैलेंज में रूस और यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस पर चढ़ाई की।

27 वर्षीय कबाक अरुणाचल प्रदेश की रहने वाली हैं।
4. यंत्र इंडिया लिमिटेड मिनीरत्न कैटेगरी-1 में शामिल
2 फरवरी को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने डिफेंस PSU (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा देने को मंजूरी दी।
- यंत्र इंडिया लिमिटेड 1 अक्टूबर, 2021 में बनी थी जो डिफेंस डिपार्टमेंट के तहत शेड्यूल ‘A’ DPSU है।
- यंत्र इंडिया लिमिटेड में कार्बन फाइबर कंपोजिट, मीडियम और बड़े-कैलिबर गोला-बारूद के लिए असेंबली, बख्तरबंद वाहन, तोपखाने बंदूकें, मुख्य युद्ध टैंक, ग्लास कंपोजिट और एल्यूमीनियम निर्माण किया जाता है।
- मई 2025 में भी रक्षा मंत्रालय ने 3 अन्य DPSU म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड, आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड और इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड को मिनीरत्न कैटेगरी-I में शामिल किया गया था।
- मिनीरत्न कंपनी में 2 कैटेगरी होती हैं-
- मिनीरत्न कैटेगरी -Iकोई भी PSU जिसने पिछले 3 सालों में लगातार लाभ कमाया हो।इनमें से कम से कम एक साल इसका प्रॉफिट 30 करोड़ रुपए हो।मिनिरत्न कंपनी सरकार की मंजूरी के बगैर 500 करोड़ रुपए या अपनी नेटवर्थ (जो भी कम हो) तक इन्वेस्ट कर सकती है।
- मिनीरत्न कैटेगरी -IIऐसी कंपनी जो पिछले तीन साल से लगातार प्रॉफिट कमा रही हो।सरकार की मंजूरी के बगैर 300 करोड़ रुपए या नेटवर्थ का 50% (जो भी कम हो) तक इन्वेस्ट कर सकते हैं।
विविध (MISCELLANEOUS)
5. क्लाइमेट साइंटिस्ट वीरभद्रन रामनाथन को क्राफोर्ड पुरस्कार मिला
2 फरवरी को भारतीय मूल के क्लाइमेट साइंटिस्ट वीरभद्रन रामनाथन को रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेज ने क्राफोर्ड पुरस्कार से सम्मानित किया।
- क्राफोर्ड को ‘नोबेल ऑफ जियोसाइंस’ भी कहा जाता है।
- ये पुरस्कार रामनाथन को एटमॉसफेरिक ब्राउन क्लाउड पर रिसर्च के लिए दिया गया है।
- इस रिसर्च में बताया गया है कि कैसे क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), जिसका उपयोग रेफ्रिजरेशन में होता है, ये कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में वायुमंडल के लिए 10,000 गुना ज्यादा खतरनाक है।
- रामनाथन मदुरै में जन्मे और चेन्नई में पले-बढ़े हैं। उन्होंने अन्नामलाई यूनिवर्सिटी और इंडियन साइंस इंस्टीट्यूट से डिग्री हासिल की है।
- रामनाथन ने सिकंदराबाद में एक रेफ्रिजरेटर फैक्ट्री में इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू किया, जहां उन्होंने पहली बार CFC संभाला।
- रामनाथन, स्क्रिप्स इंस्टीट्यूशन ऑफ ओशनोग्राफी, कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में एड्वाइजर और सैन डियागो में प्रोफेसर रहे।
- क्लाइमेट चेंज के लिए रामनाथन को स्पेनिश नेशनल रिसर्च काउंसिल ने फाउंडेशन फ्रंटियर्स ऑफ नॉलेज अवार्ड दिया।
- क्राफोर्ड अवॉर्ड में 8 मिलियन स्वीडिश क्रोनर का कैश प्राइज और गोल्ड मेडल दिया जाता है।

2013 में रामनाथन को संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ अवार्ड मिला।
आज का इतिहास:
4 फरवरी
- 1948 में सीलोन यानी श्रीलंका को
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