स्थानीय निकायों के चुनाव कराने वाले राज्य निर्वाचन आयोगों और चुनाव आयोग के बीच बेहतर तालमेल के मकसद से 24 फरवरी को नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होगा
तकरीबन 27 सालों के बाद चुनाव आयोग 24 फरवरी को राज्य निर्वाचन आयुक्तों का राष्ट्रीय सम्मेलन नई दिल्ली में कराने जा रहा है. राज्य निर्वाचन आयुक्तों का आखिरी ऐसा सम्मेलन 1999 में हुआ था. दरअसल, राज्य निर्वाचन आयुक्तों की जिम्मेदारी स्थानीय निकायों के चुनाव कराने की होती है. संविधान के 73वें और 74वें संशोधन के बाद इन आयोगों का गठन किया गया था.
दरअसल, कई राज्य चुनाव आयोगों की तरफ से लगातार यह मांग की जा रही थी कि सभी का एक संयुक्त सम्मेलन हो ताकि उन्हें न सिर्फ एक-दूसरे के अनुभवों का लाभ मिले बल्कि चुनाव आयोग और उनके बीच भी बेहतर समन्वय स्थापित हो सके. भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में होने वाले इस सम्मेलन में देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्य चुनाव आयुक्त शामिल होंगे. चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी इस सम्मेलन में शामिल रहेंगे. इस सम्मेलन में राज्य चुनाव आयोगों के कानूनी और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल होंगे.
चुनाव आयोग ने बताया है कि सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन आयोगों के बीच चुनावी प्रक्रियाओं और लॉजिस्टिक्स के संचालन में तालमेल और सहयोग बढ़ाना है. इस सम्मेलन के जरिए चुनाव आयोग राज्य चुनाव आयोगों को मतदाता सूची तैयार कराने, चुनाव कराने और संवैधानिक कानूनी ढांचे का पालन करते हुए काम करने के बारे में अपने अनुभवों को भी साझा करेगा. इसके अलावा राज्य चुनाव आयोगों के लोग भी अपने अनुभवों को रखेंगे ताकि देश भर में लोकल बॉडी के चुनाव कराने में एकरूपता और पारदर्शिता आए.








