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देवघर नगर निकाय चुनाव की आहट तेज, आरक्षण तय होते ही बढ़ी सियासी सरगर्मी

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देवघर
नगर निकाय चुनाव को लेकर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होते ही चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ गई हैं। अब सिर्फ चुनाव की तारीखों की औपचारिक घोषणा का इंतजार है। राज्य निर्वाचन आयोग और जिला प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

ओबीसी आरक्षण तय होने के बाद यह पहला नगर निकाय चुनाव होगा। इसी क्रम में देवघर नगर निगम के मेयर पद को अनारक्षित (अन्य) रखा गया है, जबकि मधुपुर नगर परिषद में अध्यक्ष पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग की महिला के लिए आरक्षित किया गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार आरक्षण की नई व्यवस्था के तहत यह पहला चुनाव है और आगे इसी आधार पर रोटेशन की प्रक्रिया लागू होगी। चूंकि ओबीसी आरक्षण के बाद यह पहला चुनाव है, इसलिए मेयर पद के आरक्षण की गणना अनुसूचित जनजाति (एसटी) से शुरू मानी जा रही है।

देवघर नगर निकाय चुनाव
देवघर नगर निकाय चुनाव

मेयर पद पर लगातार अनारक्षित की परंपरा

ट्रिपल टेस्ट के आधार पर होने वाले चुनाव से पहले के चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो देवघर नगर निगम का पहला चुनाव में मेयर पद अनारक्षित रहा था। दूसरे चुनाव में भी मेयर पद अनारक्षित था, लेकिन वह महिला के खाते में गया। अब यह तीसरा चुनाव है और इस बार भी मेयर की कुर्सी अनारक्षित रखी गई है।

निगम चुनाव में मेयर का पद सबसे अहम माना जाता है। दो टर्म तक देवघर नगर निगम का मेयर पद सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित रहा। वर्ष 2026 में संभावित चुनाव को लेकर कयास लगाए जा रहे थे कि मेयर पद सामान्य वर्ग में रहेगा या ओबीसी कोटे में जाएगा। इसे लेकर दावेदारों के बीच असमंजस और चिंता का माहौल था।

महिला आरक्षण को लेकर थी सबसे ज्यादा चिंता

चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे कई संभावित प्रत्याशियों के मन में यह भय था कि कहीं मेयर पद महिला के लिए आरक्षित न हो जाए। इसी कारण राजनीतिक गलियारों में बेचैनी देखी जा रही थी। अब पद अनारक्षित घोषित होने के बाद महिला और पुरुष, दोनों ही वर्ग के प्रत्याशी मेयर पद के लिए अपनी किस्मत आजमा सकेंगे।

नए साल में चुनाव तय, अधिसूचना जारी

नगर निकाय चुनाव की घंटी बज चुकी है। नए साल में चुनाव होना लगभग तय माना जा रहा है और नए साल की शुरुआत के साथ ही चुनाव की तारीखों की घोषणा भी संभावित है। वार्डवार आरक्षण पहले ही घोषित किया जा चुका है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त द्वारा इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।

देवघर नगर निगम में वार्डों की स्थिति

देवघर नगर निगम में कुल 36 वार्ड हैं।

  • अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 : 7 वार्ड
  • अत्यंत पिछड़ा वर्ग-2 : 7 वार्ड
  • अनुसूचित जाति : 4 वार्ड
  • अनारक्षित : 18 वार्ड

आरक्षण की तस्वीर साफ होते ही अब राजनीतिक दलों और संभावित प्रत्याशियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में चुनावी सरगर्मी और अधिक बढ़ने की संभावना है।

देवघर नगर निकाय चुनाव
देवघर नगर निकाय चुनाव

नगर निगम चुनाव के लिए तय वार्डवार आरक्षण

  • वार्ड संख्या एक अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक अन्य
  • वार्ड संख्या दो अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या तीन अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक अन्य
  • वार्ड संख्या चार अनुसूचित जाति अन्य
  • वार्ड संख्या पांच अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या छह अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या सात अनुसूचित जाति महिला
  • वार्ड संख्या आठ अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या नौ अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक अन्य
  • वार्ड संख्या दस अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक महिला
  • वार्ड संख्या 11 अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक महिला
  • वार्ड संख्या 12 पिछड़ा वर्ग दो अन्य
  • वार्ड संख्या 13 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 14 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 15 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 16 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 17 अनुसूचित जाति महिला
  • वार्ड संख्या 18 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 19 पिछड़ा वर्ग दो महिला
  • वार्ड संख्या 20 पिछड़ा वर्ग दो महिला
  • वार्ड संख्या 21 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 22 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 23 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 24 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 25 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 26 अनुसूचित जाति अन्य
  • वार्ड संख्या 27 पिछड़ा वर्ग दो महिला
  • वार्ड संख्या 28 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 29 पिछड़ा वर्ग दो अन्य
  • वार्ड संख्या 30 पिछड़ा वर्ग दो अन्य
  • वार्ड संख्या 31 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 32 पिछड़ा वर्ग दो अन्य
  • वार्ड संख्या 33 अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक अन्य
  • वार्ड संख्या 34 अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक महिला
  • वार्ड संख्या 35 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 36 अनारक्षित अन्य

मधुपुर नगर परिषद में 12 वार्ड अनारक्षित, छह अत्यंत पिछड़ा वर्ग वन

मधुपुर नगर परिषद का चुनाव भी साथ-साथ होना है। यहां 23 वार्ड है। जिसमें आरक्षण तय हो गया है। 12 वार्ड अनारक्षित हैं। छह वार्ड अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक को गया है। पिछड़ा वर्ग दो और अनुसूचित जाति को दो-दो वार्ड मिला है। जबकि अनुसूचित जनजाति को एक वार्ड है। यह सब डोर टू डोर सर्वे और जनसंख्या के आधार पर तय हुआ है।

नगर परिषद चुनाव के लिए तय वार्ड वार आरक्षण

  • वार्ड संख्या एक अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक अन्य
  • वार्ड संख्या दो अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक अन्य
  • वार्ड संख्या तीन अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या चार अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक अन्य
  • वार्ड संख्या पांच अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या छह अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या सात अनुसूचित जाति महिला
  • वार्ड संख्या आठ अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक महिला
  • वार्ड संख्या नौ अनुसूचित जाति अन्य
  • वार्ड संख्या दस अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक महिला
  • वार्ड संख्या 11 पिछड़ा वर्ग दो अन्य
  • वार्ड संख्या 12 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 13 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 14 पिछड़ा वर्ग दो महिला
  • वार्ड संख्या 15 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 16 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 17 अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक महिला
  • वार्ड संख्या 18 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 19 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 20 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 21 अनारक्षित महिला
  • वार्ड संख्या 22 अनारक्षित अन्य
  • वार्ड संख्या 23 अनुसूचित जनजाति अन्य

देवघर नगर निगम : वार्ड की संख्या 36
अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक- सात पिछड़ा वर्ग दो – सात
अनारक्षित – 18
अनुसूचित जाति – चार

मधुपुर नगर परिषद : वार्ड की संख्या 23
अत्यंत पिछड़ा वर्ग एक- छह
पिछड़ा वर्ग दो – दो
अनारक्षित – 12
अनुसूचित जाति – दो
अनुसूचित जनजाति – एक

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