दावा- टैक्स कटौती से खपत ₹5.31 लाख करोड़ बढ़ सकती है, इससे इकोनॉमी को सपोर्ट
ऐसे में अपना घर खरीदने का सपना देखने वालों से लेकर बड़े-बड़े बिल्डर्स तक, सबकी नजरें वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी हैं. पिछले दो सालों से घरों की मांग ऐसे में अपना घर खरीदने का सपना देखने वालों से लेकर बड़े-बड़े बिल्डर्स तक, सबकी नजरें वित्त मंत्री के भाषण पर टिकी हैं. पिछले दो सालों से घरों की मांग में एक जैसी रफ्तार बनी हुई है, लेकिन अब इस सेक्टर को कुछ बड़ा और स्पष्ट चाहिए. उद्योग जगत का मानना है कि अब वक्त आ गया जब सरकार केवल छोटे-मोटे फायदों के बजाय ऐसी नीतियां बनाए जो लंबे समय तक रियल एस्टेट को मजबूती दें. तो चलिए जानते हैं कि इस बजट से घर खरीदारों और डेवलपर.ने क्या-क्या उम्मीदें पाल रखी हैं और उनके मुताबिक कौन से बदलाव बेहद जरूरी हैं.

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