यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिकी इतिहास के एक्सपर्ट डॉ स्टुअर्ट रोलोका ने कहा कि ट्रम्प की आक्रमक नीतियों की वजह से ग्लोबल बैलेंस शिफ्ट हो रहा है।
पिछले 2 महीने में 5 पश्चिमी देशों के नेता चीन जा चुके हैं। स्टार्मर से पहले फ्रांस, कनाडा, फिनलैंड और आयरलैंड के लीडर्स बीजिंग का दौरा कर चुके हैं।
ऐसे में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ की धमकियों ने पश्चिमी देशों को चीन के साथ रिश्ते सुधारने पर मजबूर कर दिया है
ट्रम्प की नीतियों से यूरोपीय देशों का भरोसा उठ रहा
द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प के NATO पर सवाल उठाने, ग्रीनलैंड पर कब्जे की मांग और गठबंधन की अनदेखी रवैयै ने यूरोपीय सहयोगियों में विश्वास की कमी पैदा की है। इसमें सबसे बड़ा रोल ट्रम्प की टैरिफ धमकियों का है।
यूरोप के टैक्स फाउंडेशन की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रम्प ने दुनियाभर के देशों पर औसतन 10 से 25% तक टैरिफ लगाया है। इससे व्यापार में अनिश्चितता का खतरा बढ़ गया है।
यूरोपीय देशों पर लगे 15% टैरिफ का सीधे तौर पर फ्रांस और जर्मनी पर पड़ा है। टैरिफ ने इन देशों में वित्तीय संकट और आर्थिक मंदी की आशंका बढ़ा दी है।
ट्रम्प ने इस महीने यूरोप के 8 देशों को 10% एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। ये देश ग्रीनलैंड पर अमेरिकी कब्जे का विरोध कर रहे थे। हालांकि ट्रम्प ने बाद में अपना फैसला वापस ले लिया।

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