दरअसल, सीबीआई ने फाइनल चार्जशीट में कहा है कि लड्डुओं में पशु चर्बी नहीं, मिलावटी घी का इस्तेमाल हुआ था।
नेल्लोर कोर्ट में पेश चार्जशीट में कहा गया कि प्रसाद में इस्तेमाल होने वाले घी में वनस्पति तेल, बीटा केरोटिन व एस्टर केमिकल की मिलावट पाई गई। उत्तराखंड के भगवानपुर की भोले बाबा डेयरी ने मिलावटी घी की सप्लाई की थी।
पहले पूरे मामले को समझिए
2022 में लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में मिलावट की कई शिकायतें मिली थीं। इसके बाद SIT ने जांच की थी। इसके बाद TTD ने उत्तराखंड की भोलेबाबा डेयरी को ब्लैकलिस्ट कर दिया था।
इसके बावजूद डेयरी मालिकों ने दूसरी डेयरी फर्मों के नाम पर टेंडर हासिल किए और घी की सप्लाई जारी रखी। इनमें वैष्णवी डेयरी (तिरुपति), माल गंगा डेयरी (उत्तर प्रदेश) और AR डेयरी फूड्स (तमिलनाडु) शामिल हैं। ये सब सुब्बा रेड्डी के चेयरमैन रहते हुए हुआ।
TDP ने YSRCP पर आरोप लगाया था
आंध्र के CM चंद्रबाबू नायडू की पार्टी TDP ने 18 सितंबर 2025 को आरोप लगाया था कि राज्य में YSR कांग्रेस सरकार में तिरुपति मंदिर में मिलने वाले लड्डू (प्रसादम्) में जानवरों की चर्बी वाला घी और फिश ऑयल मिलाया गया था। इसके अगले दिन TDP ने एक लैब रिपोर्ट दिखाकर अपने आरोपों की पुष्टि का दावा किया।

For more latest news read ucfindianews







