उत्तर प्रदेश के प्रयागराज के माघ मेले के दौरान ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिष्यों और नाबालिग वेदपाठी बटुकों के साथ कथित पुलिस दुर्व्यवहार का मामला अब सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है. अधिवक्ता उज्ज्वल गौर ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत जनहित याचिका (PIL) दाखिल कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और धार्मिक पदाधिकारियों के लिए SOP बनाने की मांग की है

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