गौरतलब है कि राहुल गांधी ने बजट पर प्रतिक्रिया में इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा था, “यह बजट भारत के असली संकटों से आंखें मूंदता दिखता है। युवाओं के पास रोजगार नहीं, विनिर्माण घट रहा है, निवेशक पूंजी निकाल रहे हैं, घरेलू बचत गिर रही है और किसान परेशान हैं। वैश्विक झटकों का खतरा भी बढ़ रहा है, लेकिन सरकार सुधार की दिशा बदलने को तैयार नहीं दिखती और जरूरी चुनौतियों को नजरअंदाज कर रही है।”
इस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कान्फ्रेंस में कहा, “राजनीतिक आलोचना करना आपका (राहुल गांधी) अधिकार है, पर यदि आप अपने तर्कों के तथ्य बताएंगे तो मैं सुनने और जवाब देने को तैयार हूं। अर्थव्यवस्था के मूल आधार मजबूत हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच बजट में लघु-मध्यम उद्योग, ग्रामीण क्षेत्र, किसानों, महिला उद्यमियों और स्वरोजगार को सहारा देने वाली कई योजनाएं लाई गई हैं, ताकि आम लोगों पर बाहरी आर्थिक उतार-चढ़ाव का असर कम हो।”








