Home » अंतरराष्ट्रीय » ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू ने 2008 में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजीं थी। यह खुलासा 2010 और 2011 के ईमेल्स से हुआ है

ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू ने 2008 में यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन को अपनी बेटियों की तस्वीरें भेजीं थी। यह खुलासा 2010 और 2011 के ईमेल्स से हुआ है

ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू
Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

प्रिंस एंड्रयू की तरफ से एपस्टीन को 20 दिसंबर 2012 को एक कार्ड भेजा गया। इसमें कुल 4 तस्वीरें थीं। दो तस्वीरों में प्रिंसेस बीट्रिस को फरवरी 2012 में मोंट ब्लांक पर चढ़ाई करते हुए दिखाया गया है, जबकि प्रिंसेस यूजिनी की साइकिल चलाते तस्वीर भेजी गई थी।

ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू
ब्रिटिश प्रिंस एंड्रयू

For more latest news ucfindianews

 

 

View this post on Instagram

 

A post shared by Ucf India News (@ucfindianews)

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

UCF India News हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

जंग के माहौल में भारत ने 50 हजार लोगों को इजरायल भेजने पर सहमति क्यों जताई? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा का जो ज्वाइंट स्टेमेंट जारी हुआ है, उसके मुताबिक भारत अगले पांच सालों में 50,000 कामगार इजरायल भेजेगा

  “मैं यहां रोज़ी-रोटी कमाने आया था, लेकिन खतरनाक बमों और मिसाइलों के हमलों के बीच जान बचाना मुश्किल हो

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए दो दिग्गजों की लड़ाई में क्या तीसरा बाजी मारेगा? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सबसे बड़े दावेदार हैं लेकिन इनके बीच एक तीसरा चेहरा भी है

  छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल इसी साल जुलाई में खत्म होने जा रहा है. उन्हें

आपकी जेब पर कैसे चोट लगा सकती है ईरान की जंग? अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले ने वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा दी है. भारत के लिए यह न केवल महंगाई का खतरा है, बल्कि खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस और व्यापार के लिए भी बड़ी चुनौती है

  अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से भारत की बेचैनी बढ़ गई है. भारत का नफा-नुकसान इस

लंबी रेस का पक्का फॉर्मूला सुधार की महत्वाकांक्षा और राजकोषीय विकल्पों से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, नौकरियों और निवेशकों के विश्वास तक बोर्ड ऑफ इंडिया टुडे इकोनॉमिस्ट्स (बाइट) ने 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट के वादों का व्यापक विश्लेषण किया है.

  प्र. आपकी राय में बजट में फोकस वाले तीन सबसे बड़े क्षेत्र कौन से हैं? ● नीलकंठ मिश्र: पहला और सबसे

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x