Home » सामाजिक मुद्दे » एन. रघुरामन का कॉलम:भरोसे की जादुई ताकत : एक फायरफाइटर और हीरे की कहानी

एन. रघुरामन का कॉलम:भरोसे की जादुई ताकत : एक फायरफाइटर और हीरे की कहानी

Facebook
Twitter
WhatsApp
Telegram

भरोसा और निरंतरता ऐसे अदृश्य धागे हैं, जो इंसानी रिश्तों को जोड़ते हैं। जब आप इन्हें स्वयं महसूस करें तो ये न सिर्फ एक कनेक्शन, बल्कि अटूट रिश्ता बना देते हैं। अपने करियर और निजी जीवन में मैंने पाया है कि भरोसा महज कहने से नहीं, बल्कि निरंतरता की आग में तप कर मजबूत बनता है।

कई दशक पहले एक हाई-स्टेक जॉब इंटरव्यू में मुझसे कहा गया कि मैं खुद को दो-तीन शब्दों में व्यक्त करूं। बगैर हिचकिचाहट मैंने कहा ‘मैं एक फायरफाइटर हूं।’ मेरी रचनात्मकता परखने के लिए एचआर हेड अरूप गुप्ता कुटिल मुस्कान के साथ बोले, ‘अगर तुमसे इस लाइन में एक शब्द और जोड़ने को कहूं तो वो क्या होगा?’ स्पष्टत: उन्हें किसी डेकोरेटिव, ‘गुड’ या ‘एफिशिएंट’ जैसे सामान्य-से विशेषण की उम्मीद थी, लेकिन मैंने उन्हें एक व्यावहारिक सच बोलकर चौंका दिया कि ‘मैं एक कंसिस्टेंट फायरफाइटर हूं।’

उनके चेहरे पर आई चमक साफ दिख रही थी। हालांकि, उन्होंने मजाकिया लहजे में यह बोल कर अपने भाव छिपाने की कोशिश की कि मैंने सिटी फायर ब्रिगेड के किसी अनुभव का जिक्र तो किया ही नहीं, लेकिन कमरे का माहौल तो साफ महसूस किया जा सकता था।

कंसिस्टेंट- इस एक शब्द ने उनका भरोसा जीत लिया। तब से बीते पैंतीस वर्षों में वैसा ही भरोसा हम दोनों के बीच बना हुआ है। प्रोफेशनल इंटरव्यू से शुरू हुआ एक रिश्ता आजीवन दोस्ती में बदल गया। यह साबित करता है कि निरंतरता ही वह बुनियाद है, जिस पर स्थायी वफादारी की इमारत टिकी होती है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

UCF India News हिंदी के साथ रहें अपडेट

सब्स्क्राइब कीजिए हमारा डेली न्यूजलेटर और पाइए खबरें आपके इनबॉक्स में

और खबरें

जंग के माहौल में भारत ने 50 हजार लोगों को इजरायल भेजने पर सहमति क्यों जताई? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजरायल यात्रा का जो ज्वाइंट स्टेमेंट जारी हुआ है, उसके मुताबिक भारत अगले पांच सालों में 50,000 कामगार इजरायल भेजेगा

  “मैं यहां रोज़ी-रोटी कमाने आया था, लेकिन खतरनाक बमों और मिसाइलों के हमलों के बीच जान बचाना मुश्किल हो

छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए दो दिग्गजों की लड़ाई में क्या तीसरा बाजी मारेगा? छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव सबसे बड़े दावेदार हैं लेकिन इनके बीच एक तीसरा चेहरा भी है

  छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल इसी साल जुलाई में खत्म होने जा रहा है. उन्हें

आपकी जेब पर कैसे चोट लगा सकती है ईरान की जंग? अमेरिका-इजरायल के ईरान पर हमले ने वैश्विक तेल बाजार में खलबली मचा दी है. भारत के लिए यह न केवल महंगाई का खतरा है, बल्कि खाड़ी देशों से आने वाले रेमिटेंस और व्यापार के लिए भी बड़ी चुनौती है

  अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग से भारत की बेचैनी बढ़ गई है. भारत का नफा-नुकसान इस

लंबी रेस का पक्का फॉर्मूला सुधार की महत्वाकांक्षा और राजकोषीय विकल्पों से लेकर मैन्युफैक्चरिंग, नौकरियों और निवेशकों के विश्वास तक बोर्ड ऑफ इंडिया टुडे इकोनॉमिस्ट्स (बाइट) ने 1 फरवरी को पेश केंद्रीय बजट के वादों का व्यापक विश्लेषण किया है.

  प्र. आपकी राय में बजट में फोकस वाले तीन सबसे बड़े क्षेत्र कौन से हैं? ● नीलकंठ मिश्र: पहला और सबसे

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x