Home » सामाजिक मुद्दे » चुनाव के तौर-तरीकों को AI बना सकता है बेहतर, लेकिन इसके खतरे भी कम नहीं! चुनावों की प्रक्रिया को AI की मदद से बेहतर बनाने के लिए ‘AI और चुनाव’ विषय पर 20 फरवरी को नई दिल्ली में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है जिसमें इससे जुड़े खतरों पर भी बात होगी

चुनाव के तौर-तरीकों को AI बना सकता है बेहतर, लेकिन इसके खतरे भी कम नहीं! चुनावों की प्रक्रिया को AI की मदद से बेहतर बनाने के लिए ‘AI और चुनाव’ विषय पर 20 फरवरी को नई दिल्ली में एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन होने जा रहा है जिसमें इससे जुड़े खतरों पर भी बात होगी

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भारत में आयोजित AI ​समिट की चर्चा अभी हर तरफ चल रही है. इसी AI समिट के बीच भारत निर्वाचन आयोग के तहत काम करने वाली संस्था भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र एवं निर्वाचन प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) की तरफ से नई दिल्ली में 20 फरवरी को ‘AI और चुनाव’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है.

यह आयोजन भारत की अध्यक्षता में इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर डेमोक्रेसी ऐंड इलेक्टोरल असिस्टेंस (International IDEA ) के सदस्य देशों का सम्मेलन है. इस आयोजन में भारत के विभिन्न राज्यों के चुनाव अधिकारियों के अलावा दूसरे देशों के चुनाव अधिकारी समेत चुनावों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, तकनीकी विशेषज्ञ और वैश्विक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल होने वाले हैं.

इसमें मुख्य तौर पर इस बात पर चर्चा होनी है कि AI का इस्तेमाल चुनावों के बेहतर बनाने के लिए कैसे किया जा सकता है और इसके क्या खतरे हैं.

”AI और चुनाव: इनोवेशन, इंटीग्रिटी और संस्थागत तैयारी” विषय पर आयोजित हो रहे इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में चुनावी प्रक्रियाओं में AI के जिम्मेदार, पारदर्शी और नैतिक उपयोग पर व्यापक चर्चा करेंगे. इस कार्यक्रम में राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, नेशनल लेवल मास्टर ट्रेनर, इलेक्शन प्रैक्टिशनर और AI एक्सपर्ट शोध की प्राथमिकताओं, नियमों और नैतिक सुरक्षा उपायों, संचालन मानकों और वैश्विक निर्वाचन प्रबंधन निकायों के लिए संस्थागत मार्गदर्शन जैसे विषयों पर अपनी बात रखते हुए अपने अनुभव भी साझा करेंगे. चुनाव आयोग को उम्मीद है कि इससे चुनाव प्रबंधन संस्थाओं, अकादमिक जगत और तकनीकी समुदाय के बीच चुनाव प्रक्रियाओं में आपसी सहयोग और संवाद स्थापित करने में मदद मिलेगी.

इस सम्मेलन में AI के माध्यम से मतदाता सेवाओं और लॉजिस्टिक्स को बेहतर बनाने के साथ-साथ चुनाव प्रक्रियाओं में AI से जुड़ी आशंकाओं पर भी चर्चा होगी. चुनाव आयोग के मुताबिक इस आयोजन में चुनावों में AI की मदद से होने वाले दुष्प्रचार, डीपफेक, एल्गोरिदमिक पक्षपात, पारदर्शिता की कमी और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों का भी विश्लेषण होगा और इनके समाधान की राह निकालने की कोशिश की जाएगी.

इस आयोजन के बारे में IIIDEM के महानिदेशक राकेश कुमार वर्मा कहते हैं, ”यह संगोष्ठी चुनावी प्रणालियों के भविष्य में AI की भूमिका पर वैश्विक विमर्श को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है.”

इस आयोजन से भारत की अध्यक्षता में International IDEA के तहत ‘AI और चुनाव’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय समूह या टीम की औपचारिक शुरुआत भी होगी. चर्चा इस बात की भी है कि इस आयोजन में इस संभावना पर भी विचार किया जाएगा कि नई दिल्ली में ‘ग्लोबल सेंटर फॉर AI ऐंड इलेक्शंस’ की स्थापना की जाए ताकि इस संस्थान में चुनावों से संबंधित विभिन्न आयामों पर शोध कार्यों को बढ़ावा मिल सके.

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