- मेक्सिकन सेना ने रविवार को एक ऑपरेशन के तहत देश के सबसे बड़े ड्रग तस्कर को मार गिराया। नेमेसियो रूबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ अल मेंचो, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था और दुनिया के मोस्ट वॉन्टेड अपराधियों में शामिल था।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, जलिस्को में सेना की कार्रवाई के दौरान वह घायल हुआ। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया।
उसकी मौत के बाद जालिस्को समेत कई राज्यों में अल मेंचो के समर्थकों ने हिंसक प्रदर्शन किया। कई जगह गाड़ियों में आगजनी की और घंटों तक हाईवे जाम कर दिया। समर्थकों ने एयरपोर्ट, पेट्रोल पंप और मॉल में भी तोड़फोड़ और आगजनी की।
इस कार्टेल को सिनालोआ कार्टेल जितना ही ताकतवर मानता है, जो मेक्सिको के सबसे बदनाम क्रिमिनल ग्रुप में से एक है। इसकी मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था।
मेक्सिको में हालात बिगड़ने पर भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। जालिस्को (पुएर्तो वालार्टा, चापाला, ग्वाडलाहारा), तमाउलिपास (रेनोसा), मिचोआकान, गुरेरो और न्यूवो लियोन राज्यों में रह रहे भारतीयों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।
दूतावास ने नागरिकों से सुरक्षित स्थान पर रहने, अनावश्यक आवाजाही से बचने और भीड़ से दूर रहने की अपील की है। साथ ही परिवार और मित्रों को अपनी स्थिति की जानकारी देने को कहा है।
आपात स्थिति में 911 पर संपर्क करने और सहायता के लिए +52-55-4847-7539 पर भारतीय दूतावास से संपर्क करने की सलाह दी गई है। फिलहाल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों का ऑपरेशन जारी है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
ट्रम्प ने कार्टेल को आतंकवादी संगठन घोषित किया था
जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल CJNG के नाम से जाना जाता है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अल मेंचो की गिरफ्तारी में मदद करने वाले को 15 मिलियन डॉलर (136 करोड़ रुपए) तक का इनाम देने का ऑफर दिया था।
CJNG मेक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से बढ़ने वाले क्रिमिनल ऑर्गनाइजेशन में से एक है। यह कार्टेल 2009 में बना था। इसी साल फरवरी में ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन ने कार्टेल को विदेशी टेररिस्ट ऑर्गनाइजेशन घोषित किया।
मेक्सिको से अमेरिका में होती है ड्रग तस्करी
मेक्सिको दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क का गढ़ माना जाता है, जहां से कोकीन, हेरोइन, मेथ और फेंटेनाइल जैसे बेहद खतरनाक ड्रग अमेरिका तक पहुंचते हैं। अमेरिकी एजेंसियों के मुताबिक देश में ड्रग्स की सबसे बड़ी सप्लाई मेक्सिकन कार्टेल्स के जरिए होती है।
अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा ड्रग मार्केट है। हर साल लाखों लोग नशे की लत के शिकार होते हैं और फेंटेनाइल जैसी दवाओं से हजारों मौतें होती हैं। अमेरिकी सरकार पर लगातार दबाव रहता है कि ड्रग तस्करी पर सख्त कदम उठाए जाएं और इसी वजह से उसकी नजर मेक्सिको में मौजूद कार्टेल्स पर रहती है।
दूसरी तरफ, कार्टेल्स मेक्सिको में इतने शक्तिशाली बन चुके हैं कि कई इलाकों में वे पुलिस और सरकार को चुनौती देते हैं। हथियारबंद गिरोह, धमकी, भ्रष्टाचार और हिंसा के चलते स्थानीय प्रशासन भी कई बार उन्हें रोक नहीं पाता। कई कार्टेल्स तो अपने को शेडो गवर्नमेंट की तरह चलाते हैं।

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