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इंडिया टुडे इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव: दिग्गज बताएंगे भविष्य का रोडमैप हाईवे और पोर्ट से लेकर एयरपोर्ट और पावर ग्रिड तक… 25 फरवरी को होने वाले इस कॉन्क्लेव में चर्चा होगी कि आने वाले वर्षों में भारत अपने इंफ्रास्ट्रक्चर का डिजाइन, बजट और संचालन कैसे करेगा

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भारत के विकास की अगली लहर कैसी होगी और इसे जमीन पर कैसे उतारा जाएगा? इसी बड़े सवाल पर मंथन करने के लिए 25 फरवरी को नई दिल्ली के ‘द ओबेरॉय’ होटल में इंडिया टुडे इंफ्रास्ट्रक्चर कॉन्क्लेव का आयोजन होने जा रहा है. अदाणी ग्रुप की ओर से प्रायोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री, शीर्ष नौकरशाह और इंडस्ट्री लीडर्स शामिल होंगे. कॉन्क्लेव में हाईवे, पोर्ट, एविएशन, पावर और अर्बन मोबिलिटी (शहरी आवाजाही) से जुड़े पॉलिसी मॉडल और फंडिंग पर विस्तार से चर्चा होगी.

कॉन्क्लेव को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी संबोधित करेंगे. वह ‘नेशनल कनेक्टिविटी: मेकिंग भारतमाला 2.0 अ रियलिटी (National Connectivity: Making Bharatmala 2.0 a Reality) ‘ विषय पर अपनी बात रखेंगे और बताएंगे कि देश में हाईवे विस्तार और एक्सप्रेसवे नेटवर्क का अगला रोडमैप क्या है. वहीं, केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ‘ब्लू होराइजंस: बिल्डिंग इंडिआज स्मार्ट पोर्ट्स एंड मेरीटाइम कोर्रिडोर्स (Blue Horizons: Building India’s Smart Ports and Maritime Corridors)’ सत्र में हिस्सा लेंगे. उनका फोकस बंदरगाहों के जरिए विकास और समुद्री लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने पर होगा.

उड़ान भरेगा एविएशन सेक्टर

एविएशन यानी नागरिक उड्डयन इस कॉन्क्लेव के मुख्य विषयों में से एक है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ‘क्लियर्ड फॉर टेकऑफ (Cleared for Takeoff: Scaling India’s Air Infrastructure)’ सत्र के साथ बातचीत की शुरुआत करेंगे. इसके बाद अकासा एयर के सीईओ विनय दुबे इस चर्चा को आगे बढ़ाएंगे कि कैसे अगले 100 करोड़ यात्रियों के लिए हवाई सफर को सस्ता और सुलभ बनाया जाए.

हवाई अड्डों के विकास पर होने वाले विशेष सत्र ‘एयरपोर्ट्स एट स्केल : मेकिंग मार्क एट ग्लोबल एविएशन (Airports at Scale: Making Mark at the Global Aviation Map’)’ में भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के चेयरमैन विपिन कुमार और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ विदेह जयपुरियार अपने विचार साझा करेंगे.

राजधानी का मास्टरप्लान और इंफ्रा का बजट

दिल्ली के भविष्य और इसके आधुनिकीकरण पर दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के साथ खास चर्चा होगी. इंफ्रास्ट्रक्चर को जमीन पर उतारने और उसके लिए पैसा जुटाने पर भी गंभीर मंथन होगा. ‘एक्सेलरेटिंग डिलीवरी’ सत्र में रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और सीईओ सतीश कुमार, IRFC के सीएमडी मनोज कुमार दुबे और सड़क परिवहन मंत्रालय के सचिव वी. उमाशंकर पैनलिस्ट के तौर पर शामिल होंगे.

फंडिंग के मुद्दे को ‘फाइनेंस एंड इन्वेस्टमेंट’ सत्र में और विस्तार दिया जाएगा, जिसमें IIFCL के पूर्व एमडी पी.के. सिन्हा और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव टी.के. रामचंद्रन हिस्सा लेंगे.

भविष्य का पावर ग्रिड

एनर्जी सेक्टर और बिजली ग्रिड के बदलाव पर भी विशेषज्ञों की राय ली जाएगी. ‘इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर फ्यूचर’ सत्र में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के पूर्व सचिव भूपिंदर सिंह भल्ला, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद और अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस के सीईओ सौरभ अग्रवाल सहित अन्य दिग्गज शामिल होंगे.

कुल मिलाकर, हाईवे से लेकर पावर ग्रिड तक, यह कॉन्क्लेव भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माण, डिजाइन और वित्तीय प्रबंधन के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा.

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