
खुद अपनी राह बनाने का वक्त डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व व्यवस्था को पूरी तरह उलट-पुलट दिया और टैरिफ को हथियार बना डाला. ऐसे हालात में भारत बदली रणनीतिक जरूरतों के साथ तालमेल बनाने को साझेदारियों में विविधता लाते हुए सुधारों को अपना रहा. इस रवैए को मिला अधिकांश भारतीयों का समर्थन.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जनवरी की शुरुआत में एक आयोजन में कहा था कि अपने पड़ोस में भारत का प्रभाव जोर-जबरदस्ती पर नहीं बल्कि









