
प्रधान संपादक की कलम से इस पूरे बजट का विचार साफ है: कम में ज्यादा हासिल करना. हर रुपए से ज्यादा उत्पादकता निकालना. लेकिन यह मितव्ययिता सिर्फ बचत के लिए नहीं है. हर कदम नपा-तुला है ताकि आगे नए रास्ते खुल सकें
अरुण पुरी बजट बनाना कोई आसान काम नहीं होता. इसमें बहुत सारे गतिशील हिस्से और बदलता हुआ डेटा होता है. भारत जैसे देश में इसका









